Tuesday, August 25, 2020

Aao bhog lagao Mohan

आओ भोग लगाओ मोहन 


भीलनी के बेर सुदामा के तांदुल 

रूचि रूचि भोग लगाए मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण 

चारों दिशा से आओ मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


यशोदा माता ने लोनी बिलोई 

माखन मिश्री खाओ मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


दुर्योधन के मेवा त्यागे 

साग विदुर घर खाये मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


जब जब पीर पडी भक्तन पर 

गरुड़ छोड़ कर आये मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


आप की वास्तु आप के आगे 

इस दासी का कुछ नहीं लागे 

आओ भोग लगाओ मोहन  


ये भजन मुझे आदरणीया ताई श्रीमती सोनाली कुलकर्णी (खंडवा) के माध्यम से ज्ञात हुआ | 

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