Tuesday, August 25, 2020

Aao bhog lagao Mohan

आओ भोग लगाओ मोहन 


भीलनी के बेर सुदामा के तांदुल 

रूचि रूचि भोग लगाए मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण 

चारों दिशा से आओ मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


यशोदा माता ने लोनी बिलोई 

माखन मिश्री खाओ मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


दुर्योधन के मेवा त्यागे 

साग विदुर घर खाये मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


जब जब पीर पडी भक्तन पर 

गरुड़ छोड़ कर आये मोहन 

आओ भोग लगाओ मोहन 


आप की वास्तु आप के आगे 

इस दासी का कुछ नहीं लागे 

आओ भोग लगाओ मोहन  


ये भजन मुझे आदरणीया ताई श्रीमती सोनाली कुलकर्णी (खंडवा) के माध्यम से ज्ञात हुआ | 

Guru Gyaan Kya kare!


रचना प्रभु की देख के ज्ञानी बड़े बड़े 

पाये न कोई पार तो नादान क्या करे 

जिसको नहीं है बोध तो गुरु ज्ञान क्या करे 


निज रूप को जाने नहीं पुराण क्या पढ़े 

करके दया दयालु ने मानव जनम दिया 

बंदा न करे भजन तो भगवान्  करे 

जिसको नहीं है बोध तो गुरु ज्ञान क्या करे 


सब जीव जंतुओं में जिसे है नहीं दया 

ब्रह्मानंद व्रत नियम पुण्य दान क्या करे 

जिसको नहीं है बोध तो गुरु ज्ञान क्या करे 


ये भजन मुझे आदरणीया मौसी श्रीमती आशा ठक्कर (इंदौर) एवं श्रीमती निशा शर्मा (खंडवा) के माध्यम से ज्ञात हुआ | 


Meri Suno Prabhuji jaise sabka dukh niwara!

 मेरी सुनो प्रभु जैसे सबका दुःख निवारा 


अजामील गणिका प्रहलाद को उबारा 

जनक जानकी की सोच धनुष तोड़ डाला 

मेरी सुनो प्रभु जैसे सबका दुःख निवारा 


विभीषण को शरण देत रावण को मारा 

भई ग्लानि आये शरण हारी प्रीति हारा  

मेरी सुनो प्रभु जैसे सबका दुःख निवारा 


अंत काम कोई न आये नज़र भर निहारा 

सती वृंदा को एक नाथ तेरा ही सहारा 

मेरी सुनो प्रभु जैसे सबका दुःख निवारा 


ये भजन मुझे आदरणीया मौसी श्रीमती आशा ठक्कर (इंदौर) एवं श्रीमती निशा शर्मा (खंडवा) के माध्यम से ज्ञात हुआ |