Friday, September 4, 2020

Jai Jai Dutt Raaj Yogi

 जय जय दत्त राज योगी, जय जय महाराज योगी 


शैली श्रृंगी कंठा झोली विभूत लगाया तन मो 

कोटि चंद्र का तेज झुलत है चले अपने गति मो 


जय जय दत्त राज योगी, जय जय महाराज योगी 


शंख चक्र और त्रिशूल बिराजे गले पड़ी वनमाला 

जोग दंड अवधूत दिगम्बर बनारस रहने वाला 


जय जय दत्त राज योगी, जय जय महाराज योगी 


कृपा करो हम दीन रंक हैं ले जाओ अपनी माया 

महादेव सूत ध्यान धरत जब तब ही दर्शन पाया 


जय जय दत्त राज योगी, जय जय महाराज योगी