वक्रतुंड गण राज गजानन शंकर तनय भव हरणा
दत्त भजनीय रंग भरौनि, सुमति देहि सर्व जना
पाशांकुश धर सिंदूर भूषित मूषक वाहना गज वदना
वक्रतुंड गणराज गजानन शंकर तनय भव हरणा
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ये भजन मुझे मेरी दीदी मोनिका राणा (खरगोन, म. प्र ) से प्राप्त हुआ.
इसकी प्रस्तुति ही इस सरल दिखने वाले भजन की सुंदरता है.
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